
मप्र में सामान्य से 7 फीसदी कम बारिश,रीवा जबलपुर में भारी वर्षा होने के आसार
भोपाल। कम दबाव का क्षेत्र ओडिशा और उससे लगे छत्तीसगढ़ के आसपास बना हुआ है। मानसून द्रोणिका भी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके अतिरिक्त अलग-अलग स्थानों पर चार अन्य मौसम प्रणालियां भी सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से प्रदेश में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो रही है।
जारी रहेगा हल्की बारिश का सिलसिला
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, प्रदेश के अधिकतर जिलों में रुक-रुक कर वर्षा होने का सिलसिला बना रहेगा। सोमवार को रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। भोपाल, नर्मदापुरम, सागर एवं इंदौर संभाग के जिलों में मध्यम वर्षा हो सकती है। शेष क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में ओडिशा एवं उससे लगे छत्तीसगढ़ के आसपास बना हुआ है। मानसून द्रोणिका जैसलमेर, कोटा, गुना, मंडला, रायपुर, पुरी से होने हुए कम दबाव के क्षेत्र तक बनी हुई है। पाकिस्तान के आसपास पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।
सौराष्ट्र के ऊपर चक्रवात मौजूद
सौराष्ट्र पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात मौजूद है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। गुजरात से केरल तक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है। महाराष्ट्र के आसपास विपरीत हवाओं का सम्मिलन (शियर जोन) भी बना हुआ है।
ओडिशा के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के सोमवार को छत्तीसगढ़ और उससे लगे पूर्वी मध्य प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। इस वजह से रीवा, जबलपुर, शहडोल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है। शेष क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। – अजय शुक्ला, पूर्व वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र
बता दें कि इस सीजन में एक जून से लेकर 21 जुलाई की सुबह साढ़े आठ बजे तक मध्य प्रदेश में कुल 311.6 मिमी. वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा (335.3 मिमी.) की तुलना में सात प्रतिशत कम है।


